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मंगलवार, जून 25, 2024
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हज़ारीबाग़ की अल्पसंख्यक छात्रा का शव पलामू से बरामद, परिवार ने जताई सामूहिक दुष्कर्म की आशंका

पीड़ित परिवार ने हत्या का मामला दर्ज कराया है. परिवार का आरोप है कि लड़की के शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे जैसे कि उसे हत्या से पहले बुरी तरह मारा गया हो. पीड़ित परिवार ने हत्या से पहले सामूहिक दुष्कर्म की भी आशंका जताई है.

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मसीहुज़्ज़मा अंसारी | इंडिया टुमारो

रांची, 10 सितंबर | झारखण्ड के हज़ारीबाग़ से 2 सितंबर को गायब ग्रेजुएशन की अल्पसंख्यक छात्रा का शव तीन दिन बाद पलामू में अन्य समुदाय के लड़के के रूम में मिलने के बाद हज़ारीबाग़ में तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस घटना से आक्रोशित युवाओं ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जिसके बाद शांति भंग करने के आरोप में 400 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग है, उसे गिरफ़्तार किया जा चुका है और मामले में जांच जारी है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है हालाँकि पीड़ित परिवार ने हत्या का मामला दर्ज कराया है.

झारखण्ड के हज़ारीबाग़ विमेंस कॉलेज में पढ़ने वाली बीकॉम ऑनर्स की अंतिम वर्ष की छात्रा प्रोजेक्ट जमा करने के लिए 2 सितंबर को कॉलेज गई जिसके बाद घर नहीं लौटी. 5 सितंबर को लड़की का शव बरामद हुआ.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए पीड़ित परिवार ने कहा है कि हज़ारीबाग़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद घर वाले तीन दिन तक लड़की को तलाशते रहे. 5 सितंबर को लड़की की लाश हज़ारीबाग से 200 किलोमीटर दूर पलामू में एक किराए के मकान में रह रहे युवक के कमरे से मिली. मृतका अल्पसंख्यक समुदाय से थी जबकि लड़का अन्य समुदाय से सम्बन्ध रखता है.

पीड़ित परिवार ने हत्या का मामला दर्ज कराया है. परिवार का आरोप है कि लड़की के शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे जैसे कि उसे हत्या से पहले बुरी तरह मारा गया हो. पीड़ित परिवार ने हत्या से पहले सामूहिक दुष्कर्म की भी आशंका जताई है.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए मृतका के भाई ने बताया कि, “जब हम बहन का शव लेने पलामू पहुंचे तो हमने शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान देखे. उसका दायाँ पैर और हाथ टूटा हुआ था. उसके चेहरे में कील धंसी हुई थी जैसी कि हत्या से पहले उसे बुरी तरह चोट पहुंचाई गई हो. हमें संदेह है कि हत्या से पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया है.”

पीड़ित परिवार की मांग है कि इस मामले में अन्य आरोपियों को पकड़ा जाएँ और उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए.

घटना के बाद हज़ारी बाग़ में लोगों ने आक्रोशित होकर न्याय के लिए रैली निकाली जिसके बाद पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में 400 लोगों पर मामला दर्ज किया है जिसमें 350 अज्ञात एफआईआर है और 47 एफआईआर नाम से दर्ज की गई है.

मृतका के भाई का आरोप है कि प्रदर्शन करने के आरोप में पुलिस ने उसे भी टॉर्चर किया है जबकि वो प्रदर्शन में शामिल नहीं था.

इंडिया टुमारो को मृतक लड़की के भाई ने बताया कि, “हज़ारीबाग़ में युवाओं ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जिसमें मैं शामिल नहीं था फिर भी पुलिस मुझे रात भर थाने में बैठाए रखी और मेरा मोबाइल भी रख लिया.”

हज़ारीबाग के एसपी कार्तिक एस ने इस मामले में इंडिया टुमारो से बात करते हुए घटना की विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पलामू में जिस कमरे से लड़की का शव बरामद हुआ है वहां रहने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना के सम्बन्ध में उससे पूछताछ जारी है.

उन्होंने बताया कि, “सोशल मीडिया के रिकॉर्ड से ये पता चला है कि मृतक लड़की और आरोपी युवक दोनों एक दूसरे को पहले से जानते थे. काफी पहले से दोनों में बातें होती थीं. दोनों नाबालिग़ हैं. युवक से मिलने लड़की हज़ारी बाग़ से पलामू गई. दोनों ने आत्महत्या करने का इरादा कर ज़हर खाया और फंदे से लटक गए जिसमें पहले लड़की की मौत हो गई. लड़के ने युवती के मर जाने से घबराकर घर वालों को कॉल किया और घटना की जानकारी दी.”

इस सवाल पर कि लड़की के परिवार वालों का आरोप है कि शरीर पर चोट के निशान पाए गए और हत्या व सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताई है, हज़ारीबाग़ एसपी. कार्तिक एस कहते हैं, “ये तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा. लेकिन इस मामले में कुछ लोग नाबालिग लड़की की तस्वीर और शव की फोटो के साथ फोटोशॉप कर के माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं जो बिलकुल भी सही नहीं है. इस मामले में जाँच चल रही है, आरोपी युवक से पूछ-ताछ जारी है और परिवार की शिकायत पर पलामू में मामला दर्ज कर लिया गया है.”

परिवार का कहना है कि पुलिस मामले को निपटाना चाहती है और आरोपी द्वारा बताई गई कहानी के अनुसार जांच कर रही है जबकि शरीर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं मगर पुलिस इस एंगल से जांच नहीं कर रही.

Women Against Violence & Exploitation नामक संस्था ने इस घटना के सम्बंध में जाँच की मांग को लेकर ट्विटर पर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तो टैग किया जिसके जवाब में हेमंत सोरेन ने झारखण्ड पुलिस को मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

हज़ारीबाग़ के सामाजिक कार्यकर्ता इरफ़ान, इंडिया टुमारो को बताते हैं कि, “इस मामले में परिवार द्वारा जताई जा रही आशंका पर भी पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए. परिवार ने मृतका के शव पर चोट के गंभीर निशान होने की बात कही है और इसे भी पुलिस को गंभीरता से लेना चाहिए और इस मामले में यदि अन्य आरोपी भी हैं तो उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए.”

मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत और पीड़ितों को क़ानूनी सहायता प्रदान करने वाली संस्था, एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स – APCR के हज़ारीबाग़ कोऑरडीनेटर, मोहम्मद तस्लीम ने इंडिया टुमारो से बात करते हुए कहा, “ये मामला दो जिलों से सम्बंधित है और इस मामले में प्रशासन का बयान कंफियूज़ करने वाला है. पहले कहा गया कि दोनों ने ज़हर पिया, फिर बताया गया कि फांसी लगाई, फिर बात कही गयी कि ज़हर पीने के बाद दोनों ने फांसी लगाई लेकिन लड़का बच गया और लड़की मर गई.”

उन्होंने कहा, “लड़की के शव पर गंभीर चोट के निशान, चेहरे में कील धसी होना ये सब अलग कहानी की ओर इशारा करते हैं और साथ ही पीड़ित परिवार की जो आशंका है उससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है.”

फ़िलहाल इस मामले को प्रशासन आत्महत्या बता रहा है लेकिन परिवार इसे हत्या बताते हुए सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जता रहा.

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