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दिल्ली दंगों की पुलिस द्वारा एकतरफा जांच को लेकर विपक्षी पार्टियों ने की राष्ट्रपति से भेंट

दंगों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस के बारे में कहा गया है कि दंगों की साज़िश की एफआईआर पर नागरिकता क़ानून विरोधी प्रदर्शनकारियों को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है. जबकि भड़काऊ भाषण देने वाले बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा, अनुराग ठाकुर का नाम दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र में नहीं है.

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मसीहुज़्ज़मा अंसारी | इंडिया टुमारो

नई दिल्ली, 17 सितंबर | दिल्ली दंगों की पुलिस द्वारा जांच और एकतरफा की जा रही कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल ने आज राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाक़ात की और इस सम्बन्ध में उन्हें ज्ञापन भी सौंपा.

राष्ट्रपति से मुलाक़ात करने वाले विभिन्न पार्टियों के पांच सांसदों में डी राजा, सीताराम येचुरी, अहमद पटेल, कनिमोझी और मनोज झा शामिल रहे. 

इन सांसदों द्वारा राष्ट्रपति को दिए गए मेमोरेंडम में दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही दंगों की जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि, दिल्ली पुलिस द्वारा भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर कार्रवाई न करते हुए एकतरफा जांच की जा रही है.

राष्ट्रपति से मिले इन नेताओं द्वारा मेमोरेंडम के माध्यम से कहा गया है कि दिल्ली पुलिस नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वालों को दंगाई बता रही है. मेमोरेंडम में दिल्ली पुलिस द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी से लेकर कई बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के नाम लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाया गया है जो CAA विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए और अपनी बात साझा की.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी, ने ट्वीट कर राष्ट्रपति के साथ भेंट की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि, दिल्ली हिंसा में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग के गठन के लिए राष्ट्रपति महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया.

उन्होंने ट्वीट किया, “सेक्युलर विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के माननीय राष्ट्रपति से मुलाकात की और दिल्ली हिंसा में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग के गठन के लिए एक ज्ञापन सौंपा.”

कई वीडियो का हवाला देते हुए मेमोरेंडम में कहा गया है कि दंगों में दिल्ली पुलिस की भूमिका साफ नज़र आ रही है. इसमें फैज़ान का भी ज़िक्र किया गया है जो एक वीडियो में देखा जा सकता है कि दिल्ली पुलिस के कई जवान घायल पड़े युवक फ़ैज़ान से राष्ट्रगान गाने के लिए दबाव बना रहे हैं. बाद में घायल पड़े युवक फैज़ान ने दम तोड़ दिया था. 

दंगों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस के बारे में कहा गया है कि दंगों की साज़िश की एफआईआर पर नागरिकता क़ानून विरोधी प्रदर्शनकारियों को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है. जबकि भड़काऊ भाषण देने वाले बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा, अनुराग ठाकुर का नाम दिल्ली पुलिस  के आरोप पत्र में नहीं है.

मेमोरेंडम में दिल्ली पुलिस की जांच पूरी तरह पक्षपात पूर्ण बताया गया है और मांग की गई है कि दिल्ली दंगों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकी लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था देखने वाली संस्थाओं पर बना रहे.

विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रपति को दिए गए मेमोरेंडम में दिल्ली दंगों की जांच कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट, 1952 के तहत किसी मौजूदा या रिटायर्ड जज द्वारा कराए जाने की मांग की गई है. 

ज्ञात हो कि दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें पुलिस पर दंगों में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया था.

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि कई स्थानों पर पुलिस ने अल्पसंख्यकों पर हमले होने दिया और पीड़ितों के हज़ारों कॉल के बाद भी कोई सहायता नहीं की गयी.

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